
TET मुक्ति महारैली में उमड़ा शिक्षकों का सैलाब, 3000 से अधिक शिक्षकों ने बुलंद की आवाज
अम्बिकापुर (सरगुजा), 25 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर मंगलवार को जिला मुख्यालय अम्बिकापुर में TET मुक्ति महारैली एवं एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के सभी विकासखंडों अम्बिकापुर, लखनपुर, बतौली, उदयपुर, सीतापुर एवं मैनपाट से 3000 से अधिक शिक्षक-शिक्षिकाएं आंदोलन में शामिल हुए।

प्रदेश के शिक्षक संघर्ष मोर्चा से जुड़े विभिन्न शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर TET अनिवार्यता के विरोध में अपनी आवाज बुलंद की। रैली कलाकेंद्र मैदान से प्रारंभ होकर घड़ी चौक होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। यहां शिक्षकों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम अनुविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की।

शिक्षकों की प्रमुख मांगें
- सेवारत शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से छूट देते हुए सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए।
- वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण की जाए।
- सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति को दूर किया जाए।
- 13 फरवरी 2026 को जारी भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में शिक्षक हित में आवश्यक संशोधन किया जाए।
- पुरानी सेवा अवधि की गणना कर पूर्ण पेंशन का लाभ प्रदान किया जाए।
मोर्चा के जिला संचालक ने कहा कि बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ एवं कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में शिक्षकों ने विषम परिस्थितियों के बीच वर्षों तक शिक्षा की अलख जगाई है। ऐसे में 15 से 20 वर्षों की सेवा पूरी कर चुके शिक्षकों के सामने TET के नाम पर नौकरी का संकट खड़ा होना न्यायसंगत नहीं है।
शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने शासन से मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। मोर्चा ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों का जल्द निराकरण नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक करते हुए अनिश्चितकालीन आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा, जिला इकाई सरगुजा-अम्बिकापुर की ओर से आयोजित इस आंदोलन में कमलेश सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।



